कातिलाना फिगर या नेक सीरत: क्या आप भी हुस्न के 'मेकअप' वाले जाल में फंस रहे हैं?
💄 हुस्न का मायाजाल: क्या आप भी सिर्फ 'कातिलाना फिगर' के दीवाने हैं?
एक ऐसी कहानी जो युवाओं की 'सुंदर पत्नी' वाली सोच को बदल देगी।
आजकल के नौजवानों को जीवनसाथी नहीं, बल्कि एक 'शो-पीस' चाहिए। गोरा रंग, सुडौल बदन और वो कामुक खूबसूरती जिसे देखकर दुनिया दंग रह जाए। लेकिन क्या यह असली है? चलिए जानते हैं राघव की जुबानी...
राघव एक लेडीज शोरूम में काम करता था। वहां हर रोज ऐसी हसीनाएं आती थीं जिनकी अतरंगी अदाएं किसी का भी मन मोह लें। राघव अक्सर सोचता— "मेरी बीवी भी ऐसी ही अप्सरा होनी चाहिए, जिसे देखकर लोग कहें कि राघव की किस्मत कितनी रसीली है!"
राघव का गुस्सा: "ये क्या कोहलर (बेरंग) चेहरा उठा लाई हो? मुझे नहीं करनी इस मामूली सी लड़की से शादी!"
वह गुस्से में रात भर छत पर पड़ा रहा। उसे क्या पता था कि अगले दिन सड़क पर पड़ा एक केले का छिलका उसकी पूरी सोच बदलने वाला है।
रास्ते में एक खूबसूरत लड़की को ताड़ते हुए राघव का पैर फिसला और वह सीधे कचरे के डिब्बे पर जा गिरा। पास ही एक ब्यूटी पार्लर था, जहाँ उसे ले जाया गया। वहाँ जो उसने देखा, उसके होश उड़ गए...
🎨 पार्लर का अतरंगी जादू:
एक साधारण सी दिखने वाली महिला कुर्सी पर बैठी थी। राघव ने देखा कैसे धागे की मदद से उसकी आंखों को नशीला बनाया गया। बालों में प्रेस चलाकर उन्हें रेशमी और कामुक लुक दिया गया। चेहरे पर ब्लीच और फाउन्डेशन की ऐसी परतें चढ़ीं कि देखते ही देखते वह साधारण महिला एक हुस्न की मल्लिका बन गई!
राघव दंग रह गया! उसे समझ आ गया कि जिस खूबसूरती के पीछे वह भाग रहा था, वह महज़ कुछ घंटों की 'पुताई' थी। उसे अहसास हुआ कि—
- ईश्वर की संतान काले-गोरे के भेद से ऊपर है।
- असली खूबसूरती मन की सुंदरता में है।
- उसकी होने वाली पत्नी चाहती तो सज-धज कर फोटो खिंचवा सकती थी, पर उसने अपनी सादगी चुनी।
राघव ने तुरंत फोन निकाला: "माँ, मुझे वही सांवली लड़की पसंद है... ना, ना नहीं, अब हाँ है!"

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